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हर साल 1-7 अगस्त को BJP मनाएगी अगस्त क्रांति सप्ताह: PM मोदी

प्रधानमंत्री ने बीजेपी संसदीय पार्टी की बैठक में कहा कि और एससी-एसटी बिल का पास होना और OBC आयोग को संवैधानिक दर्जा सामाजिक न्याय के क्षेत्र में “अगस्त क्रांति” है। हर साल हम 1 अगस्त से 7 अगस्त तक अगस्त क्रांति सप्ताह मनाएंगे। बीजेपी संसदीय दल में फैसला हुआ कि 15 अगस्त से 30 अगस्त तक बीजेपी पूरे देश में सामाजिक न्याय पर्व मनायेगी। सत्र ख़त्म के बाद सभी सांसदों को अपने अपने क्षेत्र में जाकर OBC और SC/ST बिल के बारे में जनता को बताने का निर्देश भी दिया गया। इसके पहले संसदीय दल की बैठक शुरू होने पर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह  और बीजेपी के OBC सांसदो  ने प्रधानमंत्री का सम्मान किया। पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को सोमवार को संसद की मंजूरी मिल गयी। राज्यसभा ने इससे संबंधित ‘संविधान (123वां संशोधन) विधेयक को 156 के मुकाबले शून्य मतों से पारित कर दिया। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है। संविधान संशोधन होने के नाते विधेयक पर मत विभाजन किया गया जिसमें सभी 156 सदस्यों ने इसके पक्ष में मतदान किया। विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने कहा कि इस विधेयक के पारित होने के बाद राज्यों के अधिकारों के हनन होने के संबंध में कुछ सदस्यों ने जो आशंका व्यक्त की है, वह निर्मूल है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की केंद्रीय और राज्य सूची एक समान होती है। लेकिन ओबीसी के मामले में यह अलग अलग है। राज्य अपने लिए OBC जातियों का निर्णय करने के बारे में स्वतंत्र हैं। इस विधेयक के कानून बनने के बाद यदि राज्य किसी जाति को OBC की केंद्रीय सूची में रखना चाहते है। तो वे सीधे केंद्र या आयोग को भेज सकते हैं।’ गहलोत ने कहा कि नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद अपने पहले ही भाषण में कहा था कि उनकी सरकार पिछड़ों और गरीबों के लिए वचनबद्ध है। मोदी सरकार आरक्षण के लिए न केवल वचनबद्ध थी, बल्कि है और रहेगी। उन्होंने कहा कि इस वचनबद्धता को प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद व्यक्त कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि क्रीमी लेयर वाला प्रावधान वर्तमान सरकार ने नहीं बल्कि पूर्ववर्ती सरकार ने बनाया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने उप वर्गीकरण के संबंध में एक आयोग बनाया है। उस आयोग की रिपोर्ट आने पर सरकार सकारात्मक कदम उठायेगी.गहलोत ने स्पष्ट किया कि ओबीसी आयोग में महिला को सदस्य बनाये जाने का प्रावधान इस विधेयक के नियमों में शामिल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार ने मौजूदा विधेयक में उसी प्रक्रिया और प्रावधानों को अपनाया है जो अनुसूचित जाति आयोग तथा अनुसूचित जनजाति आयोग के लिए अपनायी गयी हैं। उन्होंने कहा कि आयोग को संवैधानिक दर्जा देने से उनकी जरूरतें पूरी होंगी और कई समस्याओं का भी समाधान हो पाएगा जिनका हल अभी होना बाकी है।